The HomeopathyKanpur • Dr Sandeep Kumar Mishra, MD (Hom.)

Backache

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कमर मे दर्द एक आम समस्या
कमर मे दर्द एक आम समस्या है। जो कार्य स्थल पर होने अनुपस्थित का एक मुख्य कारण है।
कारण :
व चोट लगना
व डिस्क प्रोलैप्स
व फ्रैक्चर होना।
व स्पान्डिलोसिस
व रीढ़ की हड्डी का असामन्य होना।
व इसके अतिरिक्त गर्भवती होने के कारण हार्मोन परिवर्तन तथा वजन बढ़ने ंसे।
लक्षण :
1. लगातार रीढ़ की हड्डी में दर्द तथा तनाव बनें रहना।
2. कठोर परिश्रम करने के बाद गर्दन, पीठ के ऊपरी तथा निचले हिस्से मे दर्द होना।
3. कमर में पुराना दर्द बने रहना।
क्या करें तथा क्या न करें –
1. सख्त व कठोर बिस्तर पर सोयें।
2. ठीक तरह से बैठें एंव खडे हो। बैठते तथा खड़े होते वक्त सीधे रहें।
3. बैंच मैज पर कार्य करते समय अपनी पीठ सीधी रखें।
4. ड्राइविंग करते समय, तथा कुर्सी पर बैठते समय एक कुशन कमर के निचले हिस्से के पीछे रखेे।
5. झटका देने वाले कार्य से बचे।
6. अत्यधिक कार्यशीलता से बचे।
7. फर्श पर सामान उठाते समय वजन घुटने के बल डालर उठाये। कमर के बल न झुकें।
8. नियमित व्यायाम से अपनी पीठ की मांस पेशियां मजबूत बनाये।
9. तनाव रहित अभ्यास फायदेमंद है।
10. कमर दर्द होने पर कठोर बिस्तर पर पूरा आराम करे। आराम बहुत ही आवश्यक है।
11. लगातार दर्द बने रहने या दर्द बढ़ने पर चिकित्सक से सम्पर्क करे।
होम्योपैथी चिकित्सा :
होम्योपैथी चिकित्सक को अपने लक्षणों एंव कमर दर्द के कारण को अवश्य बतायें। चिकित्सक द्वारा बताये गये सावधानी का ख्याल रखे। नियमित दवा सेवन करे। कमर दर्द को कभी हल्का मत समझे। वैसे कमर दर्द की काफी दवाइयाँ है लेकिन ब्रायोनिया, रसटक्स, कैल्केरिया, फ्लोर कुछ प्रमुख दवाइयाँ है।

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